फेर लेते हैं नज़र, दिल से भुला देते हैं,

फेर लेते हैं नज़र, दिल से भुला देते हैं,
क्या यूँ ही लोग वाफ़ाओं का सिला देते हैं,
वादा किया था फिर भी ना आए मज़ार पर,
हमने तो जान दी थी इसी ऐतबार पर!!

फेर लेते हैं नज़र, दिल से भुला देते हैं, was last modified: September 2nd, 2018 by komal