Chand Saanse bachi hai akhiri deedar de do

Chand Saanse bachi hai akhiri deedar de do

Chand Saanse bachi hai akhiri deedar de do
Jhuta hi sahi ek bar magar pyar de do …

चांद साँसे बची हैं आख़िरी दीदार दे दो
झूठा ही सही एक बार मगर प्यार दे दे …

दो अश्क मेरी याद मे बहा जाते तो क्या जाता

दो अश्क मेरी याद मे बहा जाते तो क्या जाता

Do ashk meri yaad me baha jaate to kya jata
Chand kaliya lash pe bicha jaate to kya jata

दो अश्क मेरी याद मे बहा जाते तो क्या जाता
चंद कलियाँ लाश पे बिछा जाते तो क्या जाता …

Jis ke aane se mere zakham

Jis ke aane se mere zakham

Jis ke aane se mere zakham bhara karte the
Ab wo mausam mere zakhmo ko hara karte hai …

जिस के आने से मेरे ज़ख़्म भरा करते थे,
अब वो मौसम मेरे ज़ख़्मो को हरा करते हैं! …

Us ishq ki aag mere dil ko aaj bhi jalaya

Us ishq ki aag mere dil ko aaj bhi jalaya

Us ishq ki aag mere dil ko aaj bhi jalaya karti ha
Juda hue to kya hua ye ankh aaj bhi unka intizar karti ha …

उस इश्क़ की आग मेरे दिल को आज भी जलाया करती है
जुदा हुए तो क्या हुआ ये आँख आज भी उनका इंतिज़ार करती है …

दिल को कभी तूने चैन से रहने ना दिया

दिल को कभी तूने चैन से रहने ना दिया

दिल को कभी तूने चैन से रहने ना दिया
जब चली सर्द हवा मैने तुझे याद किया
इस बात का रोना नही कि दिल बर्बाद किया
इस बात का गम है की बहुत देर से बर्बाद किया

कितनी आसानी से कह दिया तुमने

कितनी आसानी से कह दिया तुमने

कितनी आसानी से कह दिया तुमने
कि बस अब तुम मुझे भूल जाओ
साफ़ साफ़ लफ़ज़ो मे कह दिया होता होता
कि बहुत जी लिए अब तुम मार जाओ

हमे कोई कहे बुरा तो भी हम जी लेते है

हमे कोई कहे बुरा तो भी हम जी लेते है

हमे कोई कहे बुरा तो भी हम जी लेते है
हम दुआ देकर अपने होंठों को सी लेते है
हमारे दिल मे दर्द हो चाहे कितना भी
ज़हर का ये प्याला चुपके से पी लेते है

Kitne ajeeb hote ha ye mohabbat ke riwaj

Kitne ajeeb hote ha ye mohabbat ke riwaj

Kitne ajeeb hote ha ye mohabbat ke riwaj

Log aapse tum, tum se jaan

Aur jaan se anjan ban jate ha

Kai Chehro se milti thi

Kai Chehro se milti thi

Kai Chehro se milti thi

Jhalak tere andaz ki

Dil ki bhi zid thi ki

Tum nahi to tumsa bhi nahi

Aaj uski mohabbat me kami dekhi

Aaj uski mohabbat me kami dekhi

Aaj uski mohabbat me kami dekhi

Chand ki chandni me bhi kuch nami dekhi

Main laut aaya wapis jab

Auro ke sath uski mehfil jami dekhi …

आज उसकी मोहब्बत मे कमी देखी

चाँद की चाँदनी मे भी कुछ नमी देखी

मैं लौट आया वापिस जब

औरों के साथ उसकी महफ़िल जमी देखी …